➤ फ्लाईदुबई विमान में गंभीर संकट के दौरान घायल हुए भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉल पर बात की
➤ बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छार भावुक हो गए और उन्होंने बताया कि हनुमान चालीसा के पाठ और अपनी आस्था से उन्हें मुश्किल वक्त में हिम्मत मिली
➤ 34 हजार फीट की ऊंचाई पर कॉकपिट में हुई घटना के बाद गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान को सुरक्षित उतारने में अहम भूमिका निभाई
फ्लाईदुबई विमान में सामने आए गंभीर संकट के दौरान घायल हुए भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉल पर बातचीत की। इस दौरान कैप्टन मच्छार ने विमान के भीतर पैदा हुए उस मुश्किल हालात का अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किया। बातचीत के दौरान वह भावुक भी हो गए। कैप्टन मच्छार ने बताया कि वह नियमित रूप से हनुमान चालीसा पढ़ते हैं और इससे उन्हें कठिन परिस्थितियों में आत्मविश्वास और हिम्मत मिलती है। उन्होंने कहा कि संकट के समय भी उनका भरोसा बना रहा और उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि हनुमान जी ने उनकी रक्षा की तथा उन्हें हालात का सामना करने की ताकत दी।
प्रधानमंत्री मोदी और कैप्टन मच्छार के बीच हुई बातचीत में विमान में अचानक पैदा हुए संकट और उस दौरान सामने आई परिस्थितियों पर चर्चा हुई। कैप्टन ने बताया कि गंभीर स्थिति के बावजूद उन्होंने हालात को संभालने की कोशिश जारी रखी। बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी आस्था और हनुमान चालीसा के बारे में भी बताया। इसी दौरान हादसे को याद करते हुए कैप्टन मच्छार भावुक हो गए। इससे एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन मच्छार की पत्नी और उनके माता-पिता से भी फोन पर बातचीत की थी। प्रधानमंत्री ने परिवार से कैप्टन के स्वास्थ्य और स्थिति के बारे में जानकारी ली थी तथा मदद का भरोसा दिया था। इसके बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री ने स्वयं कैप्टन मच्छार से वीडियो कॉल पर बात की।
घटना के संबंध में जानकारी सामने आई कि फ्लाईदुबई का बोइंग 737 विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। इसी दौरान कॉकपिट में कैप्टन मच्छार और सह-पायलट के बीच गंभीर झड़प हुई। इस घटना में कैप्टन मच्छार को गंभीर चोटें आईं। हालात बिगड़ने के बाद विमान तेजी से नीचे आने लगा और कुछ समय में करीब 15,600 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद चालक दल और यात्रियों ने स्थिति को संभालने में मदद की। घटनाक्रम के बाद विमान को सुरक्षित रूप से उतारा गया। इस दौरान कैप्टन मच्छार की भूमिका विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रही।
प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छार ने अपनी धार्मिक आस्था का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह हनुमान चालीसा पढ़ते हैं और इससे उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में मानसिक मजबूती मिलती है। विमान में संकट की स्थिति के दौरान भी उन्होंने इसी विश्वास को याद किया। कैप्टन मच्छार ने बातचीत में कहा कि उन्हें पूरा विश्वास था कि हनुमान जी उनकी रक्षा करेंगे। इसी विश्वास के कारण गंभीर स्थिति में भी उनका हौसला बना रहा। हादसे की याद करते हुए जब उन्होंने यह अनुभव प्रधानमंत्री के साथ साझा किया तो बातचीत के दौरान वह भावुक हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छार के अदम्य साहस की सराहना की और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।



